तनाव और पाचन

अगर आप अधिक तनाव लेते हैं तो इसके कारण खाना पचने में समस्‍या हो सकती है और ब्लोटिंग, कब्ज, डायरिया, सीने में जलन, रिफ्लैक्स, गैस, आदि पाचन संबंधी समस्‍यायें इसके कारण हो सकती हैं।

पेट और दिमाग का संबंध
पेट और दिमाग का सीधा संबंध है। इंस्टेस्टाइन म्यूकोसा और दिमाग का तंत्रिका तंत्र एक दूसरे से न्यूरॉन सेल्स के माध्यम से जुड़ा होता है। तनाव के बाद मस्तिष्क में हार्मोन (डोपामाइन सहित दूसरे हार्मोन) का स्राव अधिक होता है। इसका इलाज काउंसिलिंग है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम इसी वजह से होता है। ऐसे मरीजों को दवाओं से आराम नहीं मिलता है। इससे आंतें सही तरीके से खाने को पचा नहीं पाती हैं।

धीमी होती पाचन क्रिया
तनाव के कारण पाचन क्र्रिया के दौरान पेट में पेप्टाइड (यह प्राकृतिक रूप से पेट में स्रावित होने वाला पदार्थ है) होता है, जो अमाशय में गैस और सूजन के लिए जिम्मेदार होता है। यह पाचन क्रिया को बाधित करता है।

एक्सपर्ट : डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, भोपाल (साभार – राजस्थान पत्रिका)