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	<title>पाचन : सामान्य जानकारियां &#8211; Dr Akash Mathur</title>
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	<title>पाचन : सामान्य जानकारियां &#8211; Dr Akash Mathur</title>
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		<title>हाई फाइबर फूड</title>
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		<dc:creator><![CDATA[drakashmathur]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 07:45:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Media Articles]]></category>
		<category><![CDATA[पाचन : सामान्य जानकारियां]]></category>
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					<description><![CDATA[हाई फाइबर फूड (High-Fiber Food Items) फाइबर एक ऐसा मिनरल है जिसको हर किसी की डाइट में होना चाहिए। यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हाई फाइबर फूड</strong><br />
(High-Fiber Food Items)</p>
<p>फाइबर एक ऐसा मिनरल है जिसको हर किसी की डाइट में होना चाहिए। यह मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है जिससे वजन कम होने में मदद मिलती है। अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं तो फाइबर फूड को अपनी डाइट में जरुर शामिल करें।</p>
<p>फाइबर एक माइक्रो आहार है जो सेहतमंद और बैलेंस डाइट के लिए महत्तवपूर्ण रुप निभाता है। फाइबर जल्दी से पचता नहीं है जिससे पेट स्वस्थ रहता है और डायजेस्टिव सिस्टम को भी सेहतमंद बनाए रखने में मदद करता है। फाइबर के कारण पाचन शक्ति धीरे काम करती है जिससे कई फायदे होते हैं। फाइबर से भरपूर डाइट शरीर में शुगर के अब्जॉर्बशन को धीरे कर देती है जिससे अग्न्याशय (pancreas) को इंसूलिन बनाने का काफी समय मिल जाता है। इसलिए डायबटीज से गुजर रहे लोगों को अपनी डाइट में फाइबर को बढ़ाने के लिए कहा जाता है। यहां से आप फाइबर से भरपूर फूड लिस्ट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>• 15 हाई फाइबर फूड (15 High-Fiber Food Items)<br />
• 1. चिया बीज<br />
• 2. एवोकैडो<br />
• 3. राजमा<br />
• 4. चने<br />
• 5. बादाम<br />
• 6. ब्रोकली<br />
• 7. क्विनोआ<br />
• 8. काले सेम<br />
• 9. सोयाबीन<br />
• 10. आटिचोक<br />
• 11. कद्दू<br />
• 12. सेब<br />
• 13. केला<br />
• 14. संतरा<br />
• 15. कुट्टू का आटा</p>
<p><strong>हाई फाइबर फूड (15 High-Fiber Food Items)</strong></p>
<p><strong>1. चिया बीज</strong><br />
चिया बीज में डाइट्री फाइबर होता है जो डाइट कर रहे लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है। चिया बीज पाचन शक्ति को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। चिया बीज का सेवन करने से शरीर में अच्छा फैटी एसिड आता है और साथ ही कोलेस्टॉल लेवल भी सामान्य बना रहता है।<br />
<strong>2. एवोकैडो</strong><br />
एवोकैडो में 6.7% डायट्री फाइबर होता है। यह कार्बोहाइड्रेट के साथ- साथ सेहतमंद फैट से भरपूर होता है जो वजन को सामान्य और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसमें विटामिन के और पोटेशियम भी पाया जाता है जो फ्री रेडिकल से लड़ने के लिए बहुत ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट हैं। यह शरीर में फ्री रेडिकल के द्वारा किए जाने वाले नुकसान को होने से रोकते हैं।<br />
<strong>3. राजमा</strong><br />
राजमा और बाकी फलियां डायट्री फाइबर से भरपूर होती हैं। इनमें प्रोटीन भी भारी मात्रा में पाया जाता है। 100 ग्राम राजमा से आपको 6 ग्राम फाइबर प्राप्त होता है। और पूरे दिन में 25 से 30 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए। इसके बाद हम कह सकते हैं कि राजमा एक अच्छा ऑप्शन है। राजमा एक अच्छा ऑप्शन इसलिए भी है क्योंकि इसमें हाई प्रोटीन होता है जिससे मांसपेशियों का विकास और फैट बर्न एक साथ हो जाता है।<br />
<strong>4. चने</strong><br />
चने में भी हाई फाइबर और हाई प्रोटीन होता है। राजमा के मुकाबले चने में ज्यादा फाइबर होता है। 100 ग्राम चने में 8 ग्राम फाइबर पाया जाता है। फलियां प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स और विटामिन से भरपूर होती है और इनको आप नज़रअंदाज नहीं कर सकते हैं।<br />
<strong>5. बादाम</strong><br />
ड्राए फ्रूट में बादाम में सबसे ज्यादा मात्रा में डायट्री फाइबर पाया जाता है। बादाम फाइबर के साथ- साथ कई सारे आहार और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जैसे कि विटामिन ई, मैंगनीज और मैग्नीशियम जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करते हैं। कोलेस्टॉल को कंट्रोल करने के लिए और दिल की सेहत को सुधारने के लिए बादाम को डाइट में जरुर शामिल करना चाहिए।<br />
<strong>6. ब्रोकली</strong><br />
इस हरी सब्जी में सही मात्रा में डायट्री फाइबर होता है और साथ ही विटामिन ई भी होता है जो एक बहुत अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है। ब्रोकली को हाई अकार्बनिक नाइट्रेट के लिए जाना जाता है जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और कसरत अच्छे से करने में मदद करता है। 100 ग्राम ब्रोकली में 2.6 ग्राम डायट्री फाइबर पाया जाता है।<br />
<strong>7. क्विनोआ</strong><br />
क्विनोआ डायट्री फाइबर, मिनरल्स और विटामिन से भरपूर है। जो लोग ग्लूटेन की बीमारी से गुजर रहे हैं उन लोगों के लिए यह एक अच्छा ऑप्शन है। क्विनोआ में मौजूद फाइबर डायजेस्टिव सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखता है और अच्छे से काम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह मेटाबोल्जिम को भी अच्छा करता है और वजन कम करने में मदद करता है।<br />
<strong>8. काले सेम</strong><br />
काले सेम एक तरह की फलियां हैं जिनमें डायट्री फाइबर भारी मात्रा में पाया जाता है। यह फाइबर के साथ- साथ मिनरल्स जैसे कि आयरन और मैग्नीशियम से भी भरपूर हैं। मैग्नीशियम, कैल्शियम को तोड़ने का काम करता है जिससे हड्डियों में यह अच्छे से अब्जॉर्ब हो जाता है। और आयरन को हीमोग्लोबिन प्रोड्यूज करने के लिए जाना जाता है जिससे खून में ऑक्सीजन का बहाव बना रहता है और ऑक्सीजन की कमी भी नहीं होती है।<br />
<strong>9. सोयाबीन</strong><br />
सोयाबीन में प्रोटीन और सामान्य स्तर पर फाइबर पाया जाता है जिसको आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सोयाबीन कई तरीके के आते हैं इनको बार अपनी पसंद के अनुसार कई तरीके से पका कर खा सकते हैं। सोयाबीन के कई प्रोडक्ट हैं जैसे कि सोया का आटा, टोफू, सोया दूध और सोयाबीन का तेल। इन सभी प्रोडक्ट को आप अलग- अलग तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने खाने का पोष्टिक आहार और फाइबर बढ़ा सकते हैं।</p>
<p><strong>सोयाबीन के कई प्रोडक्ट हैं जैसे कि सोया का आटा, टोफू, सोया दूध और सोयाबीन का तेल।</strong><br />
<strong>10. आटिचोक</strong><br />
आटिचोक में एंटीऑक्सीडेंट के साथ- साथ फाइबर भी पाया जाता है। एक मीडियम आटिचोक में 6.9 ग्राम डायट्री फाइबर होता है। इसको आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं जिसके बाद डायजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें आप से बहुत दूर रहेंगी।<br />
<strong>11. कद्दू</strong><br />
इस सब्जी में फाइबर के साथ- साथ विटामिन ए, विटामिन के और मिनरल्स भी होते हैं जैसे कि कैल्शियम। सामान्य रुप से कद्दू खाने से आपको पूरे दिन का 10.7% फाइबर होता है। इससे यह साफ ज़ाहिर होता है कि यह सब्जी आपके डायजेस्टिव सिस्टम को स्वस्थ रखने में अवश्य मदद करेगी। इसके साथ ही कैल्शियम और विटामिन से भरपूर होने के कारण यह एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट भी है जो हड्डियों को भी मजबूत रखने में मदद करता है।<br />
सामान्य रुप से कद्दू खाने से आपको पूरे दिन का 10.7% फाइबर होता है।<br />
<strong>12. सेब</strong><br />
एक सेब खाने से 16.1% पूरे दिन का फाइबर मिलता है जिससे आप बेशक डॉक्टर से दूर रहेंगे। सेब खाने से डायजेस्टिव सिस्टम स्वस्थ रहता है और वजन कम होने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा सेब में विटामिन सी और विटामिन ए भी मौजूद होता है जिससे यह एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है जो फ्री रेडिकल से होने वाले नुकसान से शरीर को बचाकर रखता है।<br />
<strong>13. केला</strong><br />
हाई फाइबर लिस्ट में केले को भी शामिल करना जरुरी है। एक मीडियम साइज के केले में 9.2% फाइबर होता है जो आपके पूरे दिन लिए काफी है। इसके अलावा केले में पोटैशियम भी होता है जिसके कई सारे फायदे हैं। पोटैशियम शरीर में ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी के आसार को कम करने में मदद करता है।<br />
एक मीडियम साइज के केला में 9.2% फाइबर होता है जो आपके पूरे दिन लिए काफी है।<br />
<strong>14. संतरा</strong><br />
जब आप कुछ सेहतमंद खाने को ढूंढ रहे हैं तो खट्टे फलों को बिल्कुल न भूलें। संतरे में विटामिन सी होता है जिसके कई सारे फायदे हैं। एक संतरा खाने से आपको पूरे दिन 10.1% फाइबर प्राप्त होता है।<br />
संतरे में विटामिन सी होता है जिसके कई सारे फायदे हैं।<br />
<strong>15. कुट्टू का आटा</strong><br />
क्विनोआ की तरह कुट्टू का आटा ग्लूटेन फ्री अनाज है जिसमें डायट्र फाइबर होता है जो सेहतमंद जिंदगी देता है। 100 ग्राम कुट्टू का आटा खाने से आपको पूरे दिन का 25% फाइबर प्राप्त होता है। यह मांसपेशियों के विकास के लिए भी जरुरी होता है।<br />
100 ग्राम कुट्टू का आटा खाने से आपको पूरे दिन का 25% फाइबर प्राप्त होता है।</p>
<p><strong>आखिर में</strong><br />
मेटाबोल्जिम और फैट को बर्न करने की बात है तो हाई फाइबर डाइट का होना जरुरी है। फाइबर का सेवन भी नियमित रुप से ही करना चाहिए। एक दिन में ज्यादा से ज्यादा 30 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए। फाइबर को पचने में ज्यादा समय लगता है इसलिए ज्यादा मात्रा में फाइबर खाने से वजन भी बढ़ सकता है। फाइबर को अपनी डाइट में शामिल करने से साथ- साथ कसरत को भी रोजाना करना शुरु कर दें।</p>
<p><strong>सामान्यतया पूछे जाने वाले सवाल और जवाब :</strong><br />
फाइबर से भरपूर फूड्स कौन से हैं? (What foods are highest in fiber?)</p>
<p>फाइबर से भरपूर कई फूड्स हैं जैसे कि संतरा, केला, कुट्टू का आटा, सेब, कद्दू, सोयाबीन, ब्रोकली, चने, राजमा, बादाम आदि।<br />
• किन फल और सब्जियों में फाइबर सबसे ज्यादा होता है? (Which fruits and vegetables have most fiber?)<br />
फल- संतरा, केला, सेब, स्ट्रॉबेरी। सब्जियां- हरी मटर, ब्रोकली, आलू, स्वीट कॉर्न, पत्ता गोभी आदि।<br />
• क्या अंडे फाइबर से भरपूर होते हैं? (Are eggs high in fiber?)<br />
अंडे फाइबर से भरपूर होते हैं जिससे पेट लंबे समय के लिए भरा रहता है। ब्रेकफास्ट में अंडा खाना एक अच्छा ऑप्शन है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आंत-मस्तिष्क कनेक्शन</title>
		<link>https://drakashmathur.com/11-3/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[drakashmathur]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 07:42:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Media Articles]]></category>
		<category><![CDATA[पाचन : सामान्य जानकारियां]]></category>
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					<description><![CDATA[अपने आंत-मस्तिष्क कनेक्शन पर ध्यान दें &#8211; यह आपकी चिंता (anxiety) और पाचन समस्याओं में योगदान कर सकता है आंत-मस्तिष्क [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अपने आंत-मस्तिष्क कनेक्शन पर ध्यान दें &#8211; यह आपकी चिंता (anxiety) और पाचन समस्याओं में योगदान कर सकता है आंत-मस्तिष्क का संबंध कोई मज़ाक नहीं है; यह चिंता को पेट की समस्याओं से जोड़ सकता है और इसके विपरीत भी।</p>
<p>क्या आपने कभी &#8220;आंत-रिंचिंग&#8221; (gut wrenching) अनुभव किया है? क्या कुछ स्थितियां आपको &#8220;मिचली&#8221; (nauseous) महसूस करवाती हैं? क्या आपने कभी अपने पेट में &#8220;तितलियों&#8221; को महसूस किया है? हम इन भावों का उपयोग एक कारण से करते हैं। जठरांत्र  संबंधी मार्ग (gastrointestinal tract)भावनाओं के प्रति संवेदनशील है। क्रोध, चिंता, उदासी, उत्साह &#8211; ये सभी भावनाएँ (और अन्य) आंत में लक्षणों को ट्रिगर कर सकती हैं।</p>
<p>मस्तिष्क का सीधा असर पेट और आंतों पर पड़ता है। उदाहरण के लिए, खाने का विचार ही भोजन के पहुंचने से पहले पेट के रस को छोड़ सकता है। यह कनेक्शन दोनों तरह से जाता है। एक असहजआंत (troubled intestine) मस्तिष्क को संकेत भेज सकती है, जैसे एक परेशान मस्तिष्क आंत को संकेत भेज सकता है। इसलिए, किसी व्यक्ति का पेट या आंतों की परेशानी चिंता, तनाव या अवसाद का कारण या उत्पाद हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मस्तिष्क और जठरांत्र (जीआई) प्रणाली घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई हैं।यह उन मामलों में विशेष रूप से सच है जहां कोई व्यक्ति बिना किसी स्पष्ट शारीरिक कारण के जठरांत्र संबंधी परेशानी का अनुभव करता है। ऐसे कार्यात्मक जीआई विकारों के लिए, तनाव और भावना की भूमिका पर विचार किए बिना एक व्यथित आंत (distressed gut)को ठीक करने का प्रयास करना मुश्किल है।</p>
<p><strong>आंत स्वास्थ्य और चिंता (Gut health and anxiety) :</strong><br />
यह देखते हुए कि आंत और मस्तिष्क कितनी बारीकी से परस्पर क्रिया करते हैं, यह समझना आसान हो जाता है कि प्रस्तुति (presentation) देने से पहले आपको मतली क्यों महसूस हो सकती है, या तनाव के समय में आंतों में दर्द महसूस हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कार्यात्मक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्थितियां काल्पनिक हैं या &#8220;सब कुछ आपके सिर में है।&#8221; मनोविज्ञान दर्द और अन्य आंत्र लक्षणों का कारण बनने के लिए शारीरिक कारकों के साथ जुड़ता है। मनोसामाजिक कारक आंत के वास्तविक शरीर क्रिया विज्ञान (physiology) के साथ-साथ लक्षणों को भी प्रभावित करते हैं। दूसरे शब्दों में, तनाव (या अवसाद या अन्य मनोवैज्ञानिक कारक) जीआई पथ के मूवमेंट्स और संकुचन (movements and contractions) को प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p>इसके अलावा, कार्यात्मक जीआई विकार वाले कई लोग अन्य लोगों की तुलना में अधिक तीव्रता से दर्द का अनुभव करते हैं क्योंकि उनका मस्तिष्क जीआई पथ से दर्द संकेतों के प्रति अधिक प्रतिक्रियाशील होता है। तनाव मौजूदा दर्द को और भी बदतर बना सकता है।<br />
इन अवलोकनों के आधार पर, आप उम्मीद कर सकते हैं कि कार्यात्मक जीआई स्थितियों वाले कम से कम कुछ रोगियों में तनाव कम करने या चिंता या अवसाद का इलाज करने के लिए चिकित्सा के साथ सुधार हो सकता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि मनोवैज्ञानिक रूप से आधारित उपचार केवल पारंपरिक चिकित्सा उपचार की तुलना में पाचन विकारों में अधिक सुधार लाते हैं।</p>
<p>आंत-मस्तिष्क कनेक्शन, चिंता और पाचन क्या आपके पेट या आंतों की समस्याएं &#8211; जैसे कि जलन (heart burn), पेट में ऐंठन, या तरल मल (loose stools) &#8211; तनाव से संबंधित हैं? इन और तनाव के अन्य सामान्य लक्षणों पर ध्यान दें और अपने डॉक्टर से चर्चा करें। साथ में आप अपने जीवन में तनाव से निपटने में मदद करने के उपाय करके अपनी पाचन संबंधी समस्याओं को कम कर सकते हैं।</p>
<p>चूंकि तनाव और पाचन समस्याओं का संबंध हो सकता है अतः ऐसे में इनके समाधान के लिए दोनों का सम्मिलित उपचार करना लाभप्रद सिद्ध होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्वस्थ आंत</title>
		<link>https://drakashmathur.com/media-article-9/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[drakashmathur]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 07:41:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Media Articles]]></category>
		<category><![CDATA[पाचन : सामान्य जानकारियां]]></category>
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					<description><![CDATA[जानिए आंत और पेट को कैसे रखें स्वस्थ? आंतों को स्वस्थ बनाने के लिए अपनाएं ये 3 आसान उपाय एबीपी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जानिए आंत और पेट को कैसे रखें स्वस्थ?</strong><br />
आंतों को स्वस्थ बनाने के लिए अपनाएं ये 3 आसान उपाय एबीपी न्यूज से साभार</p>
<p>शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आंतों को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है. इसलिए आपको अपने खाने-पीने में ऐसे आहार को शामिल करना चाहिए जिससे आपकी आंत स्वस्थ रहें. जानिए आंतों स्वास्थ्य रखने के 3 आसान तरीके :</p>
<p>आंत हमारे पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण अंग हैं. छोटी आंत और बड़ी आंत दोनों ही हमारी पाचन क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. आंत का काम हमारे खाने से स्वस्थ और पौष्टिक चीजों को पचाने का है. बाकी खराब पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने का काम भी आंत करती हैं. आंत हमारे पूरे शरीर को पोषक तत्व पहुंचाती है. लेकिन आपकी आंत सही तरीके से काम करें इसके लिए जरूरी है कि आप आंत के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. अगर आंत में कोई समस्या पैदा होती है तो इससे हमारा पाचन तंत्र सबसे पहले प्रभावित होता है. पाचन तंत्र कमजोर होने के कारण हमारी इम्युनिटी कमजोर होती है और इंफेक्शन या किसी दूसरी तरह की समस्याएं शरीर को घेर लेती हैं.</p>
<p>एक स्वस्थ आंत, आपको स्वस्थ पाचन तंत्र और आंत में स्वस्थ बैक्टीरिया और प्रतिरक्षा कोशिकाओं को बढ़ाने का काम करती है. आंत आपको कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस संक्रमण से भी बचाती है. इसके अलावा आंत का संबंध दिमाग से भी जुड़ा है. इसमें कुछ रसायन और न्यूरोट्रांसमीटर आपकी भावनाओं को कंट्रोल करते हैं. ऐसे में आप जो खाते हैं उससे पता चलता है कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं. और उसी हिसाब से आप व्यवहार करते हैं. इसीलिए आपको ऐसा खाना खाना चाहिए जिसे खाकर आप और आपकी आंत दोनों खुश हो जाएं. तो आज हम आपको आंत को स्वस्थ रखने के कुछ आसान तरीके बता रहे हैं.<br />
<strong><br />
1- आंतों को स्वस्थ रखने वाला खाना खाएं</strong><br />
अगर आपको अपनी आंतों को सुरक्षित रखना है तो आपको अपने खानपान में बदलाव करने होंगे. आतों स्वस्थ रखने और बीमारियों से लड़ने में मदद करने वाले कुछ खाद्य पदार्थ हैं, जो आपके स्वास्थ्य भी रखते हैं और आंतों के लिए भी फायदेमंद हैं. सबसे पहले आपको अपने खाने में कच्ची, उबली और पकी सब्जियों को शामिल करना चाहिए. कुछ फलों, नट्स, स्प्राउट्स और प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स से भरपूर खाना खाएं. बता दें कि प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स से भरपूर भोजन आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. इसके अलावा आप खाने में कलरफुल फल-सब्जियों को शामिल करें. प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स वाला खाना जैसे दही, फर्मेन्टेड डेयरी फूड, बकरी का दूध और फर्मेन्टड केफिर, माइक्रोएलगी, मिसो सूप, सौरक्राउट, या अचार खाने में जरूर खाएं. ये खाना आपकी आंतो के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है.<br />
<strong><br />
2- खाने में प्रोटीन जरूर शामिल करें</strong><br />
आंतों को स्वस्थ रखने की बात हो तो आपको खाने में प्रोटीन का सेवन जरूर करना चाहिए. प्रोटीन बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. आप दिन की दो मील में प्रोटीन जैसे पनीर, दालें, साबुत अनाज या अंडा जरूर शामिल करें. इसके अलावा आप डाइट में फल-सब्जियों को भी शामिल करें. प्रोटीन आपके पेट को स्वस्थ रखता है. इसके अलावा प्रोटीन वजन घटाने में भी हेल्पफुल होता है.</p>
<p><strong>3- अपनी दिनचर्या का पालन करें</strong><br />
अगर आपकी दिनचर्या सही है तो आधी बामारियां आपसे दूर भाग जाएंगी. जी हां अगर आपको अपनी आंतों का भी विशेष ख्याल रखना है तो एक सही दिनचर्या को फॉलो करें. इसके आपकी आंतों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा. आपको अपने जगने, व्यायाम करने, खाने और सोने का समय निर्धारित करना होगा. अगर आप उस रूटीन को फॉलो करते हैं तो आप स्वस्थ रह सकते हैं. इसके अलावा बाहर के खाने, ज्यादा मीठा खाने या फिर फ्राइड फूड्स से बचें. अपने खाने में डेयरी प्रॉडक्ट को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें. इससे आप भी स्वस्थ्य रहेंगे और आपकी आंतों स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संतुलित आहार</title>
		<link>https://drakashmathur.com/8-3/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[drakashmathur]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 07:40:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Media Articles]]></category>
		<category><![CDATA[पाचन : सामान्य जानकारियां]]></category>
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					<description><![CDATA[सेहत और लंबी उम्र के लिए क्या खाना चाहिए? • हम सभी जानते हैं कि हमारे खाने की थाली में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सेहत और लंबी उम्र के लिए क्या खाना चाहिए?<br />
</strong><br />
• हम सभी जानते हैं कि हमारे खाने की थाली में आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए।<br />
• वे कौन से खाद्य स्रोत हैं जिनमें वे होते हैं और हमें कितना खाना चाहिए?<br />
• आपके कुल भोजन का कितना हिस्सा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर आदि होना चाहिए।<br />
भोजन की थाली की संरचना या डिजाइन कैसे करें ताकि सभी आवश्यक घटकों को शामिल किया जा सके। सनक आहार या कीटो या शाकाहारी आदि जैसे विशेष आहारों से परे, एक रचना है जो परिभाषित कर सकती है कि हमें अपने भोजन में आदर्श रूप से क्या शामिल करना चाहिए। और हमेशा की तरह, स्वास्थ्य मामलों में अनुसंधान के प्रमुख प्रकाश &#8211; हार्वर्ड के शोधकर्ताओं के पास इसका उत्तर है।</p>
<p><strong>हार्वर्ड स्वस्थ भोजन प्लेट:</strong><br />
थाली को गाइड के रूप में इस्तेमाल करें, ज्यादातर सब्जियां, फल और साबुत अनाज, स्वस्थ वसा और स्वस्थ प्रोटीन खाएं। लेकिन इसके अलावा, मीठे पेय पदार्थों को ना कहें, इसके बजाय सादे पीने के पानी का विकल्प चुनें। सबसे महत्वपूर्ण बात, याद रखें कि सक्रिय रहना और स्वस्थ वजन बनाए रखना आवश्यक है।<br />
अपने भोजन में अधिकतर सब्जियां और फल- अपनी प्लेट का आधा हिस्सा बनाएं।<br />
रंग और विविधता के लिए लक्ष्य रखें, और याद रखें कि आलू और फ्रेंच फ्राइज़ को स्वस्थ खाने की प्लेट में सब्जियों के रूप में नहीं गिना जाता है क्योंकि रक्त शर्करा पर उनके नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इसकी जगह बीन्स, मटर और दाल को शामिल करें। फाइबर, एक जटिल कार्बोहाइड्रेट, प्राकृतिक रूप से फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और पकी हुई सूखी फलियों और मटर में पाया जाता है।</p>
<p><strong>साबुत अनाज लें &#8211; अपनी प्लेट का ।</strong><br />
दलिया एक खाद्य पदार्थ है जिससे भारत में हम में से अधिकांश परिचित हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसका इस्तेमाल अलग-अलग व्यंजनों में किया जाता है। कुछ लोग इसे नमक और मसाले जैसे उपमा के साथ पकाते हैं, कुछ अन्य इससे खीर (दलिया) जैसे मीठे पकवान बनाते हैं। यानि पूरा-गेहूं जो आंशिक रूप से टूटा हुआ है। साबुत और बरकरार अनाज- साबुत गेहूं, जौ, गेहूं के जामुन, क्विनोआ, जई, ब्राउन राइस, और उनसे बने खाद्य पदार्थ, जैसे कि साबुत गेहूं का पास्ता- सफेद ब्रेड, सफेद चावल और अन्य की तुलना में रक्त शर्करा और इंसुलिन पर हल्का प्रभाव डालते हैं। परिष्कृत अनाज। अध्ययन की शुरुआत में मधुमेह के बिना 72,000 से अधिक पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं के एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि साबुत अनाज का सेवन जितना अधिक होगा, टाइप 2 मधुमेह के जोखिम में कमी उतनी ही अधिक होगी।<br />
आपकी थाली के प्रोटीन  &#8211; ¼ की शक्ति।<br />
मछली, मुर्गी पालन, बीन्स और नट्स सभी स्वस्थ, बहुमुखी प्रोटीन स्रोत हैं &#8211; इन्हें सलाद में मिलाया जा सकता है, और एक प्लेट पर सब्जियों के साथ अच्छी तरह से जोड़ा जा सकता है। रेड मीट को सीमित करें, और बेकन और सॉसेज जैसे प्रोसेस्ड मीट से बचें।</p>
<p><strong>स्वस्थ पौधों के तेल &#8211; मॉडरेशन में।</strong><br />
तेल &#8211; वसा का एक स्रोत &#8211; रक्त शर्करा के स्तर पर बहुत कम प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है। सभी &#8220;वसा&#8221; खराब नहीं होते हैं और सभी &#8220;कम वसा वाले&#8221; खाद्य पदार्थ अच्छे नहीं होते हैं। संतृप्त वसा (मांस और डेयरी खाद्य पदार्थ) बंद धमनियों और हृदय रोग में योगदान देता है। लेकिन मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड वसा (पौधे और स्वास्थ्यवर्धक तेल) आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, आपके शरीर के लिए एक प्रमुख ऊर्जा स्रोत है, और यह आपको कुछ विटामिन और पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है, और आपके कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल में सुधार करता है। इसलिए, जैतून, कैनोला, सोया, मक्का, सूरजमुखी, मूंगफली, और अन्य जैसे स्वस्थ वनस्पति तेलों का चयन करें और आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेलों से बचें, जिनमें अस्वास्थ्यकर ट्रांस वसा होते हैं।</p>
<p><strong>आपको क्या पीना चाहिए?</strong><br />
सुगन्धित पेय निश्चित रूप से एक बड़ी संख्या है। इसके अलावा, दूध और डेयरी उत्पादों को प्रति दिन एक से दो सर्विंग्स तक सीमित करें। जब पोषक तत्वों की बात आती है तो फलों का रस अच्छा नहीं होता क्योंकि उनमें फाइबर की कमी होती है जो कि पूरे फलों में होता है। यदि आपके पास जूस होना चाहिए और फल नहीं, तो इसे प्रति दिन एक छोटे गिलास तक सीमित करें। चाय, कॉफी या सादा सादा पानी पिएं। यूएस फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन सेवन करने के लिए 400 मिलीग्राम (लगभग 4 कप ब्रूड कॉफ़ी) कैफीन की एक सुरक्षित मात्रा मानता है। हालांकि, अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को अपने कैफीन का सेवन एक दिन में 200 मिलीग्राम (लगभग 2 कप ब्रूड कॉफी) तक सीमित रखना चाहिए।</p>
<p><strong>सबसे महत्वपूर्ण बात, &#8220;सक्रिय रहें ::</strong><br />
हेल्दी ईटिंग प्लेट के प्लेसमेट पर लाल रंग की आकृति इस बात की याद दिलाती है कि वजन नियंत्रण में सक्रिय रहना भी महत्वपूर्ण है। यदि आप अच्छी तरह से कैलोरी बर्न नहीं कर रहे हैं तो दुनिया में सभी आहार बेकार हैं और कुछ भी नहीं है। अनुसंधान सक्रिय रहने के लाभों का दृढ़ता से समर्थन करता है। हार्वर्ड की रिपोर्ट कहती है कि सभी उम्र के लोगों के लिए कई तरह की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के खिलाफ लड़ाई में व्यायाम करने से लाभ मिलता है। हालांकि, व्यस्त जीवन शैली और एक ऐसा वातावरण जो दिन के कई घंटों के लिए गतिहीन रहने को प्रोत्साहित करता है, ने कई लोगों के लिए प्राथमिकता के रूप में व्यायाम की रैंकिंग को कम कर दिया है।<br />
जब आप इन युक्तियों का पालन करते हैं और एक सुखी, केंद्रित और तनाव मुक्त जीवन जीते हैं, तो दीर्घायु और अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है।</p>
<p><strong>हार्वर्ड स्वस्थ भोजन प्लेट:</strong><br />
हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पोषण विशेषज्ञों और हार्वर्ड हेल्थ पब्लिकेशंस के संपादकों द्वारा बनाई गई हेल्दी ईटिंग प्लेट को अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) की माईप्लेट की कमियों को दूर करने के लिए डिजाइन किया गया था। स्वस्थ भोजन प्लेट लोगों को सर्वोत्तम खाने के विकल्प बनाने में मदद करने के लिए, एक सरल प्रारूप में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करती है।<br />
हार्वर्ड की टीम जिसने इस हेल्दी ईटिंग प्लेट को डिज़ाइन किया है, वह यह भी सलाह देती है कि किसी को हार्वर्ड की हेल्दी ईटिंग प्लेट द्वारा बताए गए अनुसार केवल खाना खाने से नहीं रुकना चाहिए। इसमें कहा गया है, थाली को गाइड के रूप में इस्तेमाल करें, ज्यादातर सब्जियां, फल और साबुत अनाज, स्वस्थ वसा और स्वस्थ प्रोटीन खाएं। लेकिन इसके अलावा, मीठे पेय पदार्थों को ना कहें, इसके बजाय सादे पीने के पानी का विकल्प चुनें। सबसे महत्वपूर्ण बात, याद रखें कि सक्रिय रहना और स्वस्थ वजन बनाए रखना आवश्यक है।<br />
अपने भोजन में अधिकतर सब्जियां और फल- अपनी प्लेट का आधा हिस्सा बनाएं।<br />
रंग और विविधता के लिए लक्ष्य रखें, और याद रखें कि आलू और फ्रेंच फ्राइज़ को स्वस्थ खाने की प्लेट में सब्जियों के रूप में नहीं गिना जाता है क्योंकि रक्त शर्करा पर उनके नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इसकी जगह बीन्स, मटर और दाल को शामिल करें। फाइबर, एक जटिल कार्बोहाइड्रेट, प्राकृतिक रूप से फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और पकी हुई सूखी फलियों और मटर में पाया जाता है।</p>
<p><strong>साबुत अनाज लें &#8211; अपनी प्लेट का ।</strong><br />
दलिया एक खाद्य पदार्थ है जिससे भारत में हम में से अधिकांश परिचित हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसका इस्तेमाल अलग-अलग व्यंजनों में किया जाता है। कुछ लोग इसे नमक और मसाले जैसे उपमा के साथ पकाते हैं, कुछ अन्य इससे खीर (दलिया) जैसे मीठे पकवान बनाते हैं। यानि पूरा-गेहूं जो आंशिक रूप से टूटा हुआ है। साबुत और बरकरार अनाज- साबुत गेहूं, जौ, गेहूं के जामुन, क्विनोआ, जई, ब्राउन राइस, और उनसे बने खाद्य पदार्थ, जैसे कि साबुत गेहूं का पास्ता- सफेद ब्रेड, सफेद चावल और अन्य की तुलना में रक्त शर्करा और इंसुलिन पर हल्का प्रभाव डालते हैं। परिष्कृत अनाज। अध्ययन की शुरुआत में मधुमेह के बिना 72,000 से अधिक पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं के एक बड़े अध्ययन में पाया गया कि साबुत अनाज का सेवन जितना अधिक होगा, टाइप 2 मधुमेह के जोखिम में कमी उतनी ही अधिक होगी।</p>
<p><strong>आपकी थाली के प्रोटीन  &#8211; ¼ की शक्ति।</strong><br />
मछली, मुर्गी पालन, बीन्स और नट्स सभी स्वस्थ, बहुमुखी प्रोटीन स्रोत हैं &#8211; इन्हें सलाद में मिलाया जा सकता है, और एक प्लेट पर सब्जियों के साथ अच्छी तरह से जोड़ा जा सकता है। रेड मीट को सीमित करें, और बेकन और सॉसेज जैसे प्रोसेस्ड मीट से बचें।<br />
स्वस्थ पौधों के तेल &#8211; मॉडरेशन में।<br />
तेल &#8211; वसा का एक स्रोत &#8211; रक्त शर्करा के स्तर पर बहुत कम प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है। सभी &#8220;वसा&#8221; खराब नहीं होते हैं और सभी &#8220;कम वसा वाले&#8221; खाद्य पदार्थ अच्छे नहीं होते हैं। संतृप्त वसा (मांस और डेयरी खाद्य पदार्थ) बंद धमनियों और हृदय रोग में योगदान देता है। लेकिन मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड वसा (पौधे और स्वास्थ्यवर्धक तेल) आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, आपके शरीर के लिए एक प्रमुख ऊर्जा स्रोत है, और यह आपको कुछ विटामिन और पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है, और आपके कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल में सुधार करता है। इसलिए, जैतून, कैनोला, सोया, मक्का, सूरजमुखी, मूंगफली, और अन्य जैसे स्वस्थ वनस्पति तेलों का चयन करें और आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेलों से बचें, जिनमें अस्वास्थ्यकर ट्रांस वसा होते हैं।</p>
<p><strong>आपको क्या पीना चाहिए?</strong><br />
सुगन्धित पेय निश्चित रूप से एक बड़ी संख्या है। इसके अलावा, दूध और डेयरी उत्पादों को प्रति दिन एक से दो सर्विंग्स तक सीमित करें। जब पोषक तत्वों की बात आती है तो फलों का रस अच्छा नहीं होता क्योंकि उनमें फाइबर की कमी होती है जो कि पूरे फलों में होता है। यदि आपके पास जूस होना चाहिए और फल नहीं, तो इसे प्रति दिन एक छोटे गिलास तक सीमित करें। चाय, कॉफी या सादा सादा पानी पिएं। यूएस फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन सेवन करने के लिए 400 मिलीग्राम (लगभग 4 कप ब्रूड कॉफ़ी) कैफीन की एक सुरक्षित मात्रा मानता है। हालांकि, अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को अपने कैफीन का सेवन एक दिन में 200 मिलीग्राम (लगभग 2 कप ब्रूड कॉफी) तक सीमित रखना चाहिए।</p>
<p><strong>सबसे महत्वपूर्ण बात, &#8220;सक्रिय रहें ::</strong><br />
हेल्दी ईटिंग प्लेट के प्लेसमेट पर लाल रंग की आकृति इस बात की याद दिलाती है कि वजन नियंत्रण में सक्रिय रहना भी महत्वपूर्ण है। यदि आप अच्छी तरह से कैलोरी बर्न नहीं कर रहे हैं तो दुनिया में सभी आहार बेकार हैं और कुछ भी नहीं है। अनुसंधान सक्रिय रहने के लाभों का दृढ़ता से समर्थन करता है। हार्वर्ड की रिपोर्ट कहती है कि सभी उम्र के लोगों के लिए कई तरह की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के खिलाफ लड़ाई में व्यायाम करने से लाभ मिलता है। हालांकि, व्यस्त जीवन शैली और एक ऐसा वातावरण जो दिन के कई घंटों के लिए गतिहीन रहने को प्रोत्साहित करता है, ने कई लोगों के लिए प्राथमिकता के रूप में व्यायाम की रैंकिंग को कम कर दिया है।<br />
जब आप इन युक्तियों का पालन करते हैं और एक सुखी, केंद्रित और तनाव मुक्त जीवन जीते हैं, तो दीर्घायु और अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>तनाव में ज्यादा भोजन</title>
		<link>https://drakashmathur.com/7-3/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[drakashmathur]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 07:39:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Media Articles]]></category>
		<category><![CDATA[पाचन : सामान्य जानकारियां]]></category>
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					<description><![CDATA[क्यों तनाव लोगों को अधिक खाने का कारण बनता है ? &#8216;स्ट्रेस ईटिंग&#8217; आपके वजन घटाने के लक्ष्यों को बर्बाद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>क्यों तनाव लोगों को अधिक खाने का कारण बनता है ?</strong><br />
&#8216;स्ट्रेस ईटिंग&#8217; आपके वजन घटाने के लक्ष्यों को बर्बाद कर सकता है &#8211; बिना ज्यादा खाए तनाव को दूर करने के तरीके खोजना महत्वपूर्ण है<br />
&#8220;तनाव में खाने&#8221; वाक्यांश के पीछे बहुत सच्चाई है। तनाव, इससे निकलने वाले हार्मोन और उच्च वसा, शर्करा युक्त &#8220;आरामदायक खाद्य पदार्थ&#8221; के प्रभाव लोगों को अधिक खाने की ओर धकेलते हैं।</p>
<p>अल्पावधि में, तनाव भूख को बंद कर सकता है। तंत्रिका तंत्र हार्मोन एपिनेफ्रीन (जिसे एड्रेनालाईन भी कहा जाता है) को पंप करने के लिए गुर्दे के ऊपर अधिवृक्क ग्रंथियों को संदेश भेजता है। एपिनेफ्रीन शरीर की लड़ाई-या-उड़ान प्रतिक्रिया को ट्रिगर करने में मदद करता है, एक संशोधित शारीरिक स्थिति जो अस्थायी रूप से खाने को रोक देती है।</p>
<p>लेकिन अगर तनाव बना रहता है, तो कुछ अलग हो जाता है। अधिवृक्क ग्रंथियां कोर्टिसोल नामक एक और हार्मोन छोड़ती हैं, और कोर्टिसोल भूख बढ़ाता है और खाने की प्रेरणा सहित सामान्य रूप से प्रेरणा भी बढ़ा सकता है। एक बार तनावपूर्ण प्रकरण समाप्त हो जाने पर, कोर्टिसोल का स्तर गिरना चाहिए, लेकिन यदि तनाव दूर नहीं होता है &#8211; या यदि किसी व्यक्ति की तनाव प्रतिक्रिया &#8220;चालू&#8221; स्थिति में फंस जाती है &#8211; तो कोर्टिसोल ऊंचा रह सकता है।</p>
<p><strong>तनाव खाना, हार्मोन और भूख</strong><br />
तनाव भोजन की प्राथमिकताओं को भी प्रभावित करता है। कई अध्ययनों  ने दिखाया है कि शारीरिक या भावनात्मक संकट से वसा, चीनी, या दोनों में उच्च भोजन का सेवन बढ़ जाता है। उच्च इंसुलिन के स्तर के साथ संयोजन में उच्च कोर्टिसोल का स्तर जिम्मेदार हो सकता है। अन्य शोध बताते हैं कि घ्रेलिन, एक &#8220;भूख हार्मोन&#8221; की भूमिका हो सकती है।</p>
<p>एक बार अंतर्ग्रहण करने के बाद, वसा और चीनी से भरे खाद्य पदार्थों का प्रतिक्रिया प्रभाव पड़ता है जो तनाव संबंधी प्रतिक्रियाओं और भावनाओं को कम करता है। ये खाद्य पदार्थ वास्तव में &#8220;आराम&#8221; खाद्य पदार्थ हैं जिसमें वे तनाव का सामना करने लगते हैं &#8211; और यह उन खाद्य पदार्थों के लिए लोगों की तनाव-प्रेरित लालसा में योगदान दे सकता है।</p>
<p>बेशक, अधिक भोजन केवल तनाव से संबंधित व्यवहार नहीं है जो पाउंड जोड़ सकता है। तनावग्रस्त लोग सामान्यतया नींद खो देते हैं, कम व्यायाम करते हैं और अधिक शराब पीते हैं, ये सभी अतिरिक्त वजन में योगदान कर सकते हैं।</p>
<p><strong>लोग तनाव में ज्यादा क्यों खाते हैं?</strong><br />
कुछ शोध तनाव से निपटने के व्यवहार में लिंग अंतर का सुझाव देते हैं, जिसमें महिलाओं के भोजन की ओर तथा पुरुषों के शराब या धूम्रपान की ओर रुख करने की संभावना अधिक होती है। और एक फिनिश अध्ययन जिसमें 5,000 से अधिक पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया था, ने दिखाया कि मोटापा महिलाओं में तनाव से संबंधित खाने से जुड़ा था, लेकिन पुरुषों में नहीं।</p>
<p>हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने बताया है कि काम और अन्य प्रकार की समस्याओं से तनाव वजन बढ़ने से संबंधित है, लेकिन केवल उन लोगों में जो अध्ययन अवधि की शुरुआत में अधिक वजन वाले थे। एक सिद्धांत यह है कि अधिक वजन वाले लोगों में इंसुलिन का स्तर ऊंचा होता है, और उच्च इंसुलिन की उपस्थिति में तनाव से संबंधित वजन बढ़ने की संभावना अधिक होती है।</p>
<p>तनाव की प्रतिक्रिया में लोग कितना कोर्टिसोल का उत्पादन करते हैं, यह तनाव-वजन बढ़ने के समीकरण में भी कारक हो सकता है। 2007 में, ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने एक सरल अध्ययन तैयार किया, जिसमें दिखाया गया कि जिन लोगों ने प्रयोगात्मक सेटिंग में उच्च कोर्टिसोल स्तरों के साथ तनाव का जवाब दिया, उनके नियमित जीवन में कम-कोर्टिसोल उत्तरदाताओं की तुलना में दैनिक परेशानियों के जवाब में नाश्ता करने की अधिक संभावना थी।</p>
<p><strong>बिना ज्यादा खाए तनाव कैसे दूर करें ?</strong><br />
जब तनाव किसी की भूख और कमर को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति उच्च वसा, शर्करा वाले खाद्य पदार्थों के रेफ्रिजरेटर , अलमारी या घर मे अन्यत्र नहीं रखकर और अधिक वजन बढ़ने से रोक सकता है। उन &#8220;आरामदायक खाद्य पदार्थों&#8221; को संभाल कर रखना केवल परेशानी को आमंत्रित कर रहा है।</p>
<p><strong>तनाव का मुकाबला करने के लिए यहां कुछ अन्य सुझाव दिए गए हैं:</strong><br />
ध्यान (Meditation) अनगिनत अध्ययनों से पता चलता है कि ध्यान तनाव को कम करता है, हालांकि अधिकांश शोधों ने उच्च रक्तचाप और हृदय रोग पर ध्यान केंद्रित किया है। ध्यान लोगों को भोजन के विकल्पों के बारे में अधिक जागरूक बनने में भी मदद कर सकता है। अभ्यास के साथ, एक व्यक्ति वसा और चीनी से भरे आरामदेह भोजन को हथियाने और आवेग को रोकने के लिए आवेग पर बेहतर ध्यान देने में सक्षम हो सकता है।</p>
<p><strong>व्यायाम :</strong> जबकि कोर्टिसोल का स्तर व्यायाम की तीव्रता और अवधि के आधार पर भिन्न होता है, समग्र व्यायाम तनाव के कुछ नकारात्मक प्रभावों को दूर कर सकता है। योग और ताई ची जैसी कुछ गतिविधियों में व्यायाम और ध्यान दोनों के तत्व होते हैं।</p>
<p><strong>सामाजिक समर्थन:</strong> ऐसा लगता है कि दोस्तों, परिवार और सामाजिक समर्थन के अन्य स्रोतों का लोगों द्वारा अनुभव किए जाने वाले तनाव पर बफरिंग प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए, शोध से पता चलता है कि अस्पताल के आपातकालीन विभागों जैसे तनावपूर्ण स्थितियों में काम करने वाले लोगों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है ।यदि उनके पास पर्याप्त सामाजिक समर्थन हो। लेकिन यहां तक ​​कि जो लोग ऐसी परिस्थितियों में रहते हैं और काम करते हैं जहां दांव उतना ऊंचा नहीं है, उन्हें समय-समय पर मित्रों और परिवार से मदद की आवश्यकता होती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ज्यादा भोजन</title>
		<link>https://drakashmathur.com/6-3/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[drakashmathur]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 07:38:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Media Articles]]></category>
		<category><![CDATA[पाचन : सामान्य जानकारियां]]></category>
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					<description><![CDATA[जरूरत से ज्यादा खाना खाने के हो सकते हैं कई नुकसान कई बार पेट भरा होने के बावजूद खाने की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जरूरत से ज्यादा खाना खाने के हो सकते हैं कई नुकसान</strong><br />
कई बार पेट भरा होने के बावजूद खाने की कोई चीज देखकर आपके मुंह में पानी आ जाता है और खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। बिना भूख के खाना और बेवजह खाना &#8230;</p>
<p>डेस्क एनबीटी, लखनऊ : कई बार पेट भरा होने के बावजूद खाने की कोई चीज देखकर आपके मुंह में पानी आ जाता है और खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। बिना भूख के खाना और बेवजह खाना आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। अगर ऐसा कभी-कभी होता है, तो कोई बात नहीं। अगर अक्सर ही खाने के बाद आप कोई न कोई चीज खाते रहते हैं या आपको बार-बार भूख लगती है, तो ये एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर है। मेडिकल भाषा में बार-बार भूख लगने को फूड एडिक्शन कहते हैं। हालांकि ज्यादातर लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन इस पर अगर कंट्रोल न किया जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकता है।</p>
<p><strong>बिना भूख के खाना</strong><br />
खाने की आदत होने पर व्यक्ति लगातार खाता ही रहता है। वह खाने पर पूरी तरह कंट्रोल खो बैठता है। उसे भरा हुआ पेट अच्छा लगने लगता है। पहले का खाना थोड़ा सा डाइजेस्ट होते ही वह दोबारा खा लेता है। कई बार तो वह खाना डाइजेस्ट होने का इंतजार भी नही करता और दोबारा खा लेता है।</p>
<p><strong>एनर्जी लेवल</strong><br />
फूड एडिक्शन की एक खास वजह न्यूरोबायलॉजिकल इम्बैलेंस है। एक बार इसका लेवल बॉडी में गिरता है तो व्यक्ति को कमजोरी महसूस होती है। वह फिर से खाना शुरू कर देता और फिर उसे बॉडी में एनर्जी बनाए रखने के लिए हमेशा खाना पड़ता है। हालांकि, बार-बार खाने वाला व्यक्ति अपनी इस आदत से गिल्ट महसूस करता रहता है, लेकिन सिचुएशन ऐसी बन जाती है कि वह चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता।</p>
<p><strong>वजन बढ़ना व मोटापा</strong><br />
फूड एडिक्शन से वजन बढ़ना व मोटापा होता है। वजन बढ़ने से कई और बीमारियां आपको जकड़ लेती हैं। जैसे शरीर की काम करने की क्षमता कम हो जाती है और आप जल्दी थकने लगते हैं।</p>
<p><strong>ब्लड में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना</strong><br />
व्यक्ति न चाहते हुए भी कई ऐसी चीजें खा लेता है जिनके ज्यादा खाने से कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ जाता है और इससे दिल का दौरा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p><strong>ऐसे करें बचाव<br />
</strong><br />
<strong>अपना ध्यान हटाएं</strong><br />
इससे बचने का एक ही तरीका है और वह है इस साइकल को तोड़ना। जब भूख लगे, तो उस पर ध्यान न दें, अपना ध्यान उस दौरान किसी और काम की ओर लगाएं। अगर फिर भी कंट्रोल नहीं हो पा रहा तो साइकॉलजिकल ट्रीटमेंट लें। ऐसे फूड लेने की कोशिश करें, जो आपका मूड अच्छा कर दें। इससे बॉडी में सेरिटोनिन लेवल बढ़ेगा। ये फूड डिप्रेशन से बाहर आने में भी आपकी मदद करेगा।<br />
हेल्दी डाइट लें</p>
<p>अपनी डाइट में स्वस्थ व संतुलित आहार शामिल करें। फ्रेश फ्रूट्स, नट्स, सीड्स और विभिन्न तरह की सब्जियां खाएं। अनाज और दालों से आपको लो ग्लाइकेमिक इंडेक्स वाला भोजन मिल जाता है। यह भोजन शरीर में धीरे-धीरे शर्करा रिलीज करता है। इससे शरीर में लगातार ऊर्जा बनी रहती है, मस्तिष्क शांत रहता है और ज्यादा समय तक पेट भरे रहने का एहसास होता है। हमारा रोज का भोजन, जिसमें अनाज, दालें, सब्जियां और दूध होता है, इसी उत्तम भोजन की श्रेणी में आता है।</p>
<p><strong>तनाव से बचें</strong><br />
इसके अलावा लंबे समय से चले आ रहे मानसिक तनाव के कारण भी कई लोगों को बार-बार भूख लगती है। ऐसा तब होता है जब तनाव गेर्लिन के स्तर को बढ़ाता है और इसका स्तर बढ़ने से अवसाद एवं बेचैनी से संबंधित व्यवहार घट जाता है। ( साभार &#8211; नवभारत टाइम्स )</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तनाव और पाचन</title>
		<link>https://drakashmathur.com/5-3/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[drakashmathur]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 07:38:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Media Articles]]></category>
		<category><![CDATA[पाचन : सामान्य जानकारियां]]></category>
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					<description><![CDATA[अगर आप अधिक तनाव लेते हैं तो इसके कारण खाना पचने में समस्‍या हो सकती है और ब्लोटिंग, कब्ज, डायरिया, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अगर आप अधिक तनाव लेते हैं तो इसके कारण खाना पचने में समस्&#x200d;या हो सकती है और ब्लोटिंग, कब्ज, डायरिया, सीने में जलन, रिफ्लैक्स, गैस, आदि पाचन संबंधी समस्&#x200d;यायें इसके कारण हो सकती हैं।</p>
<p><strong>पेट और दिमाग का संबंध</strong><br />
पेट और दिमाग का सीधा संबंध है। इंस्टेस्टाइन म्यूकोसा और दिमाग का तंत्रिका तंत्र एक दूसरे से न्यूरॉन सेल्स के माध्यम से जुड़ा होता है। तनाव के बाद मस्तिष्क में हार्मोन (डोपामाइन सहित दूसरे हार्मोन) का स्राव अधिक होता है। इसका इलाज काउंसिलिंग है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम इसी वजह से होता है। ऐसे मरीजों को दवाओं से आराम नहीं मिलता है। इससे आंतें सही तरीके से खाने को पचा नहीं पाती हैं।</p>
<p><strong>धीमी होती पाचन क्रिया</strong><br />
तनाव के कारण पाचन क्र्रिया के दौरान पेट में पेप्टाइड (यह प्राकृतिक रूप से पेट में स्रावित होने वाला पदार्थ है) होता है, जो अमाशय में गैस और सूजन के लिए जिम्मेदार होता है। यह पाचन क्रिया को बाधित करता है।</p>
<p>एक्सपर्ट : डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, भोपाल (साभार &#8211; राजस्थान पत्रिका)</p>
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